सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई भारत_बचाओ_यात्रा पर रोक लगाने की मांग lआदेश- राज्य सरकारें प्रदान करें जरूरी सुरक्षा l

सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई #भारत_बचाओ_यात्रा पर रोक लगाने की मांग..अदालत का आदेश- राज्य सरकारें प्रदान करें जरूरी सुरक्षा  Admin1 |  19 Feb 2018 



सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई #भारत_बचाओ_यात्रा पर रोक लगाने की मांग..अदालत का आदेश- राज्य सरकारें प्रदान करें जरूरी सुरक्षा


जब राष्ट्र के हित और समाज के कल्याण को ले कर सुदर्शन न्यूज़ के प्रधान सम्पादक श्री सुरेश चव्हाणके जी भारत भर की यात्रा पर जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग को ले कर आगे बढ़ रहे थे तब उस समय इस यात्रा के कुछ विरोधी अपने तमाम आधारहीन आरोप ले कर सुप्रीम कोर्ट गए था लेकिन राष्ट्र हित के इस मुद्दे पर अंततः न्यायालय ने किया न्याय और ख़ारिज कर दी उस मांग को जिसमे कहा गया था की सुप्रीम कोर्ट रोक लगाए भारत बचाओ यात्रा पर . विदित हो कि उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता प्रिया शर्मा की उस याचिका पर आदेश देते हुए जनसंख्या नियंत्रण को लेकर लोगों को जागरूक करने और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने के लिए श्री सुरेश चव्हाणके जी के नेतृत्व में शुरू की गई भारत बचाओ रथ त्रा पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इंकार कर दिया है. जिसमे उन्होंने राज्यों में कानून व्यवस्था आदि की समस्या हो जाने की बात कर के इस यात्रा पर रोक लगाने की मांग की थी .माननीय उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकारों को उनकी जिम्मेदारी याद दिलाते हुए यात्रा की सुरक्षा आदि का जिम्मा सम्भालने का भी आदेश दिया है .


माननीय सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह के आंदोलन से लोगों को रोका नहीं जा सकता. इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि रथ त्रा के दौरान कानून और व्यस्था की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है जिसे उन्हें निभाना होगा. जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने और लोगों को बढ़ती जनसंख्या के प्रति जागरूक करने के लिए शुरू की गई भारत बचाओ रथ यात्रा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी. याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यात्रा पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जिस तरह से लोग इस आंदोलन से जुड़ रहे हैं ऐसे में रथ त्रा पर रोक नहीं लगाई जा सकती.

उन्होंने कहा कि इस यात्रा को लेकर राज्य में कानून और व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. इसके लिए केंद्र सरकार को नहीं कहा जा सकता. यह राज्य सरकार का मामला है और उसे ही इस संबंध में काम करना होगा.l